PM Kisan 22nd Installment Date प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 22वीं किस्त का इंतज़ार देश के करोड़ों किसान भाई कर रहे हैं। योजना के चार-माह के चक्र को ध्यान में रखते हुए, अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 22वीं किस्त फरवरी 2026 के महीने के मध्य या अंत तक जारी की जा सकती है। हालाँकि, इसकी कोई आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपना ई-केवाईसी पूरा करने, बैंक खाते की लिंकिंग जाँचने जैसे आवश्यक कदम समय रहते पूरा कर लेवें ताकि राशि बिना किसी रुकावट खाते में पहुँच सके।
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22वीं किस्त कब तक जारी होगा ? तारीख का अनुमान और सरकारी प्रक्रिया
प्रिय किसान भाइयों और बहनों, नवंबर 2025 में 21वीं किस्त की राशि मिलने के बाद से अगली किस्त की राशि का इंतज़ार स्वाभाविक है। पीएम-किसान योजना की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसके तहत हर वर्ष ₹6000 की कुल राशि तीन किश्तों (दिसंबर-मार्च, अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर) में दी जाती है। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, किश्तों के बीच लगभग चार महीने का अंतराल रहता है।
विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 22वीं किस्त फरवरी 2026 के मध्य से लेकर अंतिम सप्ताह तक कभी भी जारी हो सकती है। याद रखें, यह एक अनुमान मात्र है। किस्त जारी होने की तिथि केवल केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ही तय और घोषित करेगा। आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in या कृषि विभाग के विश्वसनीय चैनलों से ही अपडेट लें। सोशल मीडिया पर चलने वाली तथ्यहीन अफवाहों से सावधान रहें।
क्या आप अभी भी हैं पात्र? योजना के नियम फिर से समझें
यह योजना देश के सच्चे अन्नदाताओं की मदद के लिए बनी है, लेकिन इसके कुछ नियम और पात्रता मानदंड हैं। इनकी जानकारी होना ज़रूरी है:-
- पात्र कौन है ?
- वह किसान जिसके पास खेती योग्य ज़मीन का स्वामित्व है।
- परिवार में पति-पत्नी दोनों में से केवल एक ही लाभार्थी हो सकता है।
- लाभार्थी भारत का नागरिक होना चाहिए।
- कौन नहीं ले सकता है लाभ ?
- कोई भी संस्था या ट्रस्ट।
- वर्तमान या सेवानिवृत्त केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारी (कुछ अपवादों को छोड़कर)।
- पेशेवर करदाता (इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले)।
- पूर्व या वर्तमान संसद सदस्य/विधायक, मंत्री।
किस्त रुकने का सबसे बड़ा कारण: अधूरी ई-केवाईसी
पिछले कुछ सालों में योजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है: ई-केवाईसी (E-KYC) को अनिवार्य बना दिया गया है। बिना ई-केवाईसी पूरे किए, कोई भी किसान अब किस्त प्राप्त नहीं कर सकता। यह सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए एक ज़रूरी कदम है।
कैसे पूरी करें ई-केवाईसी ?
- घर बैठे ऑनलाइन: अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर से pmkisan.gov.in पर जाएं। ‘ई-केवाईसी’ का विकल्प चुनें और अपना आधार नंबर डालें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) से सत्यापन करें।
- सीएससी केंद्र पर जाकर: अगर आपको ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आती है, तो नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं। वहाँ बायोमेट्रिक (अंगुली के निशान या आँखों की पुतली) के ज़रिए आसानी से ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है। यह सेवा नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध है।
ध्यान दें! आपका बैंक खाता भी होना चाहिए तैयार
केवाईसी के बाद, दूसरी सबसे ज़रूरी चीज़ है आपका स्वयं का बैंक खाता। सरकारी भुगतान सीधे आपके खाते में आता है, इसलिए इसकी स्थिति ठीक होनी चाहिए।
- आधार-बैंक लिंकिंग जाँचें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आपके आधार नंबर से जुड़ा हुआ है। यह लिंकिंग आपकी बैंक शाखा में जाकर या फिर Net Banking/ATM के ज़रिए भी की जा सकती है।
- खाता सक्रिय है ना? कभी-कभी लंबे समय तक इस्तेमाल न होने पर खाते निष्क्रिय (डोरमेंट) हो जाते हैं। बैंक जाकर पुष्टि कर लें कि आपका खाता सक्रिय (एक्टिव) है और उसमें डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) प्राप्त करने में कोई रुकावट नहीं है।
- विवरण सही हैं? पोर्टल पर दर्ज आपका नाम, आधार नंबर और बैंक अकाउंट नंबर एकदम सही और मेल खाते हों। नाम में थोड़ा सा भी अंतर (जैसे श्री/श्रीमती, नाम के आगे-पीछे अक्षर) समस्या पैदा कर सकता है।
“मेरी किस्त कहाँ अटकी?” ऐसे करें पता और निवारण
अगर आपको लगता है कि पिछली कोई किस्त नहीं मिली, तो घबराएँ नहीं। समस्या का पता लगाना और उसे ठीक करना अब बहुत आसान है।
सबसे पहले, अपनी स्थिति स्वयं चेक करें:
- पीएम किसान आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- ‘Beneficiary Status’ (लाभार्थी स्थिति) के टैब पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर या पंजीकरण नंबर डालें और कैप्चा कोड भरें।
- आपकी स्क्रीन पर सभी पिछली किश्तों की स्थिति और किसी भी लंबित किस्त का कारण साफ़-साफ़ दिख जाएगा।
आम समस्याएँ और उनके समाधान:
| समस्या का संभावित कारण | आपको क्या करना चाहिए? |
|---|---|
| ई-केवाईसी लंबित है | तुरंत ऊपर बताई गई विधि से ई-केवाईसी पूरी करें। |
| बैंक खाता आधार से लिंक नहीं | अपनी बैंक शाखा से संपर्क करके लिंकिंग करवाएँ या पुष्टि कराएँ। |
| खाता निष्क्रिय/डोरमेंट है | बैंक में जाकर खाता पुनः सक्रिय (रिएक्टिवेट) करवाएँ। |
| भूमि रिकॉर्ड में विसंगति | गाँव/तहसील के पटवारी या राजस्व अधिकारी से अपने भूमि दस्तावेज़ सही करवाएँ। |
| पोर्टल पर गलत व्यक्तिगत जानकारी | अपने जिले के कृषि विभाग के अधिकारी या तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी से संपर्क करके सुधार करवाएँ। |
सावधान! धोखाधड़ी के इन तरीकों से रहें सजग
दुर्भाग्यवश, ऐसी लोक-कल्याणकारी योजनाओं के साथ ही कुछ ठग सक्रिय हो जाते हैं। इन बातों का हमेशा ध्यान रखें:
- कोई वास्तविक अधिकारी आपसे फोन पर आपका पासवर्ड, ओटीपी (OTP) या बैंक की गुप्त जानकारी कभी नहीं माँगेगा।
- किसी अज्ञात लिंक (लिंक) पर क्लिक न करें जो आपको WhatsApp या SMS पर आए, भले ही वह ‘किस्त जारी’ या ‘ऑफर’ का दावा कर रहा हो।
- किसी भी तरह का “प्रोसेसिंग फीस” या “जल्दी पैसा दिलाने का चार्ज” माँगने वालों पर विश्वास न करें। यह योजना पूरी तरह मुफ़्त है।
- सभी शिकायतों और सुधारों के लिए हमेशा आधिकारिक चैनल (तहसील कार्यालय, जिला कृषि अधिकारी, आधिकारिक हेल्पलाइन) का ही सहारा लें।
एक छोटी सी राशि, बड़ा सहारा: योजना का दीर्घकालिक महत्व
आखिर में, यह समझना ज़रूरी है कि पीएम-किसान सिर्फ़ 2000 रुपये का भुगतान नहीं है। यह हमारे अन्नदाता के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का प्रतीक है। यह राशि उन्हें मौसमी खर्चों, बीज-खाद की खरीद, या घर की ज़रूरतों के लिए तुरंत एक नकदी सहारा देती है। इससे किसानों को साहूकारों पर निर्भरता कम करने और अपनी खेती में सम्मानजनक निवेश करने का आत्मविश्वास मिलता है।
यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। योजना से संबंधित किसी भी आधिकारिक निर्णय या घोषणा के लिए कृपया प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in ही अंतिम स्रोत मानें।